Tuesday, 29 April 2014

साथियो !
          साहित्य समाज का दर्पण होता है . यह सदा कहते हुए सुना है इसी दर्पण को अपनी ऊचाइयों पर पहुचानें  के लिए कोंच नगर के युवाओं ने मिलकर साहित्य महोत्सव का आयोजन किया हुआ है /जिसमें अपने देश के जाने माने साहित्यकार आ रहे है   इसका आयोजन २ मई से चार मई तक होना है साहित्य के इस महोत्सव में अपनी भागेदारी को दर्ज कराकर साहित्य की रसानुभूति करें /

                                                                                                       प्रदीप कुमार गौतम  
 
मित्रों !कल का दिन बहुत ही अहम है. पाँच साल बाद आपको अपनी असली ताकत दिखने का मौका मिला हुआ है इसलिए आप सभी से अनुरोध है की आप वोट डालने जरूर जाएँ आपका एक वोट देश की दशा और दिशा को तय कर सकता है /

                                                                                                       प्रदीप कुमार गौतम 

धम्म-पथ

बुद्ध ने कहा— जीवन दुःख है, पर यह अंतिम सत्य नहीं, क्योंकि दुःख-निरोध भी है। तृष्णा से बँधा मन बार-बार जन्म लेता है, और सम्यक दृष्टि उसे मुक...