हे मसीहा !तेरा मैं बन्दन करूँ
तूने इस भू -धरा को
स्वजन्म से पुलकित किया।
अपने स्व अध्यन के कांरवा से
नवीनता को सृजित किया
स्वम ने दुख देखे अनेक
मानव द्वारा अमानवीय व्यवहार को
है आपने घुट घुट पिया।
छुआ -छूत का परिवेश ऐसा
था किसी ना देश में
जिसे उखाड़ फेकने का संकल्प
आपने है स्वजन्म में लिया।
आप जैसा उस समय
दुनिया में न कोई हुआ
शिक्षा कि अलख ऐसी दिखी नही
सम्पूर्ण विश्व के इतिहास में
मनवाया आपने लोहा
इस अथाह संसार को
देश कि स्वतंत्रता के बाद
था न कोई विधान देश का
स्वकरों से आपने तब
संविधान को रचाया था
स्वदेश को संविधान से
संविधान का विश्व गुरु बनाया था
लेकिन आज उसी संविधान को
तोड़ने में लगे आज सामंतशाही के जन
स्वदेश की आहुति देकर
पुनापैक्ट समझौता किया था आपने
लेकिन आज मनुवादी कहते हैं
आरक्षण व्यवस्था बेकार है
क्या करें उन आरक्षण विरोधियों का
जो करते हैं आज हमसे तुलना
आज भी वे हैं हमसे बलिष्ट
धन से ,मान से ,सम्मान से
वे दे न सके आज तक
हमें मान ,सम्मान हैं
फिर भी क्यों करते हैं विरोध
आरक्षण का वे
इसलिए आज हम दृढ संकल्पित हों
आरक्षण बचाओ मुहिम में
पूरी तन्मयता से साथ हों
इसलिए आओ आज
हम सब बाबा साहेब
बंदन करें बंदन करें बंदन करें .................
प्रदीप कुमार गौतम
२८/१० /