Wednesday, 1 August 2018

पुरुष विमर्श क्यों नही ?

भारतीय समाज मे आज केवल स्त्री ही नही बल्कि पुरुष भी प्रताड़ित है, इसका दायरा हो सकता है स्त्री से कम हो लेकिन पुरुष का भी मानसिक रूप से जमकर शोषण हो रहा है ।
   आज लिव रिलेशन शिप में युवा-युवतियाँ खूब रहते है जब कभी भी आपसी संबंधों में दरार आती है तो पुरुष के ऊपर बलात्कार जैसे जघन्य आरोप मढ़ दिए जाते हैं । सहमतियों के साथ सेक्स करने वाली कई स्त्रियाँ वीडियो क्लिप इत्यादि के माध्यम से पुरुषों से मनचाहा धन की मांग करती है और जब कभी पुरुष इसमे असमर्थता दर्शाता है तो उसे सम्मान और स्वाभिमान पर ठेस पहुंचाने की धमकी दी जाने लगती है ।
सेक्स नेचुरल है, जिसे प्रत्येक स्त्री पुरुष मर्जी से सम्भोग व इंजॉय करता है । कई बार देखा गया है कि कई लड़कियाँ पुरुषों के जबरन पीछे पड़ जाती है और उसके मना करने ब्लॉक करने के पश्चात उससे जोड़े रखने का निवेदन करती है तथा काम क्रीड़ा करने के लिए उकसाती है और जब पुरुष सेक्स करने से पूर्व शादी वगैरह के लिए इनकार करता है तो स्त्री भलीभांति उससे इनकार करते हुए केवल सेक्स पूर्ति की इच्छा जाहिर करती है । इसी समझौते के साथ स्त्री पुरुष में सेक्स प्रक्रिया शुरू होती है एक दो वर्षों तक बिना रोकटोक के सेक्स का इंजॉय करते है और जब पुरुष अन्यत्र अपनी शादी की इच्छा जाहिर करता है तो स्त्रियाँ चिढ़ जाती है और ऊल जलूल आरोप लगाते हुए समाज मे बदनाम करने की धमकी दे डालती है और यहां से पुरुष का मानसिक शोषण शुरू होता है जबरन गले पड़ी लड़की को छुड़ाना पुरुषों के लिए दिक्कत पैदा कर देता है । अनेक पुरुष ऐसे फंसकर अपनी आत्महत्या कर लेते है ऐसा नही है कि स्त्रियों के शरीर का दोहन नही किया जाता है भारतीय समाज मे स्त्रियों को निरंतर प्रताड़ित किया जाता है लेकिन आज केवल स्त्री की पीड़ा की बात करके पुरुषों को अनदेखा करके विमर्श की बात नही की जा सकती है ।
सम्भोग मनुष्य की स्वायत्त प्रक्रिया है जिसकी पूर्ति वह विविध माध्यमो से करता है मनुष्य की श्रेणी से न स्त्री बाहर है न ही पुरुष । सहमति के साथ संभोग करने पर यदि घर लोग देख लेते है तो स्त्रियाँ पुरुष के  ऊपर दोषारोपण कर देती है और अभिभावकों के द्वारा FIR करने पर स्त्री परिवार के साथ रहती है और पुरुष के खिलाफ गवाही देती है और सहमति के सम्भोग में भी पुरुष सलाखों के पीछे पहुंच जाता है ।
दो-तीन वर्षों से शादी का झांसा देकर बलात्कार के आरोप कई स्त्रियों द्वारा पुरुषों के ऊपर लगाए गए हैं यहाँ एक चीज यह समझने की जरूरत है कि यदि कोई पुरुष बिना रिश्ता किए सम्बन्ध बनाने की बात करता है तब क्या सेक्स का आनन्द केवल पुरुष ही उठाता है मुझे लगता है ऐसा बिल्कुल नही है दो तीन वर्ष तक सेक्स करने का सीधा मतलब यह है कि स्त्री ने भी पुरुष के साथ सेक्स का आनन्द उठाया है तब पुरुष के ऊपर ही FIR क्यों ?
ये ऐसे प्रश्न है जिनके बल पर पुरुष विमर्श की चर्चा शुरू की जा सकती है क्योंकि आज केवल स्त्री के पक्ष को देखकर पुरुषों को होने वाली पीड़ाओं को नकारना पूरी तरह से गलत है ।

..........प्रदीप कुमार गौतम

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