Tuesday, 22 November 2016

गाय पर राजनीति

                आज देश की ओर द्रष्टि डाली जाती है तो बहुत ही भयावह स्थिति दिखाई देती है ।  केंद्र की वर्तमान सरकार मूलतः विकास के बड़े-बड़े वादो को पूरा करने के उद्देश्य से आमजनमानस का वोट प्राप्त कर सकी है लेकिन सरकार बनते ही इसके समर्थन व शासनकर्ता पूरी तरह से हिन्दू -मुसलमान के आपसी दंगो को कराने के लिए तत्पर हो गए है । आज पूरे भारत देश मे दलित और मुसलमानों पर हमले सर्वाधिक हो रहे है ।  जिसका मुख्य कारण गाय है ।
     
                 आज गाय पालतू पशु की जगह राजनीतिक पशु हो गया है जिसके बल पर आर0 एस0 एस0 जैसे संगठन देश के अमन चैन को बर्बाद करने की कोशिश करते है । गुजरात के ऊना मे जिस तरह से 04 दलितों को बेरहमी से पीटा गया वह बेहद शर्मनाक है इसके बावजूद हमारे देश मीडिया दोगला व्यवहार करती है । जब इस मुद्दे पर राज्यसभा मे मायावती जी बोलती हैं तब कहीं मीडिया इस मुद्दे को कवर करती है ।
      

No comments:

Post a Comment

धम्म-पथ

बुद्ध ने कहा— जीवन दुःख है, पर यह अंतिम सत्य नहीं, क्योंकि दुःख-निरोध भी है। तृष्णा से बँधा मन बार-बार जन्म लेता है, और सम्यक दृष्टि उसे मुक...