Thursday, 1 December 2016

पाँच सौ करोड़ की शादी

राज मिला तो राजगद्दी सम्हाले बैठे हैं
बाप की बपौती समझकर पालथी मारे  बैठे हैं ।
जबसे आए हैं ये केंद्र सरकार में
हर जगह बड़े-बड़े जुमले उछाले बैठे हैं ।
कभी गाय तो कभी मुस्लिम
कभी दलित पर आग लगाए बैठे हैं ।
काला धन कह-कहकर बना ली सरकार
अब राष्ट्रीय अध्यक्ष इनके जुमला बताए बैठे है ।
जब कोई दलित पिटता है भरे चौराहे में
मोदी जी रोने का ढोंग सजाये बैठे हैं ।
आम जनता बेहाल है पूरी तरह से
ये पाँच सौ करोड़ की शादी कराये बैठे हैं ।


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