जनता का हितैषी बोलकर
खूब मौज उड़ाते हो ।
दस - दस लाख की ड्रेस पहनकर
विदेशों को जाते हो ।
कभी गरीब तो कभी फकीर कहकर
लाचारों का मज़ाक उड़ाते है ।
दलितों का हितैषी बोलकर
रोहित बेमुला को मरवाते हो ।
मुसलमानों को भाई कहकर
गोधरा कांड करवाते हो ।
नोट बंदी करके तुम
गरीबों को लाइन मे लगवाते हो ।
प्रतिदिन नियम बदलकर तुम
बैंक कर्मियों को उलझाते हो ।
जब जब उंगली उठी शासन पर
गाय को बीच मे ले आते हो ।
यदि विपक्ष खड़ा विरोध मे तो
संसद छोडकर भाग जाते हो ।
पाकिस्तान जब मारता सैनिकों को तो
खूब आँसू बहाते हो ।
देश रो रहा रोजी रोटी को
तुम मन की बात सुनाते हो ।
मोदी जी ऐसे काम न चलेगा
गरीब को भूखों तड़पाते हो । ।
खूब मौज उड़ाते हो ।
दस - दस लाख की ड्रेस पहनकर
विदेशों को जाते हो ।
कभी गरीब तो कभी फकीर कहकर
लाचारों का मज़ाक उड़ाते है ।
दलितों का हितैषी बोलकर
रोहित बेमुला को मरवाते हो ।
मुसलमानों को भाई कहकर
गोधरा कांड करवाते हो ।
नोट बंदी करके तुम
गरीबों को लाइन मे लगवाते हो ।
प्रतिदिन नियम बदलकर तुम
बैंक कर्मियों को उलझाते हो ।
जब जब उंगली उठी शासन पर
गाय को बीच मे ले आते हो ।
यदि विपक्ष खड़ा विरोध मे तो
संसद छोडकर भाग जाते हो ।
पाकिस्तान जब मारता सैनिकों को तो
खूब आँसू बहाते हो ।
देश रो रहा रोजी रोटी को
तुम मन की बात सुनाते हो ।
मोदी जी ऐसे काम न चलेगा
गरीब को भूखों तड़पाते हो । ।
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