Wednesday, 18 January 2017

जानते हैं पर मानते नही हैं ।

जब भारत देश की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक , धार्मिक उन्नति के आंदोलन की बात करते हैं , तो उसमे सबसे पहला नाम डॉ भीमराव अंबेडकर का आता है । आज हर व्यक्ति बाबा साहेब की नीतियों को स्वीकार कर रहा है, तारीफ कर रहा है , योद्धा स्वीकार रहा है किंतु जैसे ही पटापेक्ष पर पहुँचते है तो अधिकतर सवर्ण मानसिकता के लोग गालियाँ देते मिलते है ।

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