मथुराप्रसाद महाविद्यालय कोंच(जालौन) में प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष लगातार जागरूकता पूर्ण कार्यक्रम होने की वजह से छात्र/छात्राओं में दुगुना उत्साह है और इस छोटे से तहसील युक्त कस्बे में नई नई प्रतिभाओं का निखार हो रहा है । खासकर लड़कियों के विकास का प्रेरणास्रोत बना हुआ है । जुलाई-अगस्त में प्रवेश की आपाधापी में विद्यार्थी महाविद्यालय आना शुरू करते हैं अगस्त माह में कक्षाएं सुचारू रूप से प्रारम्भ होती है और 14 सितम्बर को हिंदी विभाग की ओर हिंदी दिवस के अवसर पर " हिंदी भाषा- वर्तमान और भविष्य" विषय पर भाषण प्रतियोगिता कार्रवाई जाती है । हिंदी विभाग द्वारा पुनः 15 दिसम्बर को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर " समाज के उत्थान में डॉ भीमराव अंबेडकर का योगदान" विषय पर निबंध प्रतियोगिता कार्रवाई जाती है । अंग्रेजी विभाग द्वारा 19 दिसम्बर को " विद्यार्थी के विकास में सर्वाधिक भूमिका किसकी होती है -अभिभावक, गुरु या मित्र" विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । इसके बाद बिलकुल वर्तमान विषय को पकड़ते हुए अर्थशास्त्र विभाग की ओर से 21 दिसम्बर को " भारत में नोटबन्दी" विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । प्राचीनता को संवारते संजोते हुए 04 जनवरी को संस्कृत विभाग की ओर से " नैसर्गिक कन्या शकुंतला- कालिदास के संदर्भ में " विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । NSS के प्रभारी जी ओर से अलग -अलग दिवसों में ग्राम अंडा में कैम्प लगाकर छात्रों को समाज सेवा के लिए प्रोत्साहित किया और कैशलेस व्यवस्था के बारे में ग्रामीणों को स्वमसेवकों के माध्यम से अवगत कराया । छात्रोतथान की कड़ी में शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से 12-13 जनवरी को वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है । जैसे-जैसे महाविद्यालय में कार्यक्रम हो रहे हैं छात्रों में नई नई प्रतिभाएं उभर रही है ।
रिपोर्ट- प्रदीप कुमार गौतम
असि0 प्रोफ़ेसर, हिंदी विभाग
मथुरा प्रसाद महाविद्यालय, कोंच
साहित्य वह है, जो आपको धर्म, जाति, लिंग व क्षेत्रवाद के भाव से ऊपर उठाकर समाज में समता बंधुत्व एकता का भाव प्रकट करे . मानवीय संवेदनाओं से पूर्ण करके प्रत्येक प्राणी से प्रेम करना सिखाये और दलित संस्कृति इसी भाव को लेकर सदियों से लोक कला एवं साहित्य को संजोकर वर्तमान समय में मानवीय संवेदनाओं की सतत निर्मल धारा को बहा रहा है .
Friday, 6 January 2017
प्रतिभाओं का निखार करता मथुराप्रसाद महाविदयालय
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