दिल यूँ ही नही धड़कता
उसमें अरमान उपजते हैं
नये जमाने के नये
पैगाम उमड़ते हैं
मेरी हसरत बन गयी है
तेरी आँखों की चाँदनी
आँखों की रुसवाई में डूब
हम आपके गुलाम बन गये हैं
उसमें अरमान उपजते हैं
नये जमाने के नये
पैगाम उमड़ते हैं
मेरी हसरत बन गयी है
तेरी आँखों की चाँदनी
आँखों की रुसवाई में डूब
हम आपके गुलाम बन गये हैं
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