Monday, 9 December 2013

टेट की कहानी मेरी जुबानी


क्या खूब खेल मचा है
सर्वत्र वक्तव्यों का ढेर पड़ा है
२०११ के परीक्षा फल से
यूपी टेट का मेल पड़ा है
मायाराज में निकली थी भर्तियां
कुछ 72825 की संख्या में
तब से ठेलम -ठेल पड़ा है
विगत काल ड्राफ्ट की माँग हुई
तब पोस्ट ऑफिसों में झेलम -झेल पड़ा था
नही प्राप्त हुए थे उक्त समय
टिकट लिफाफे पर चिपकाने के लिए
फिर भी नौकरी कि चाह में
५० रू में २५ के टिकट मिले
संतोष किया था ह्रदय में
धैर्य को धारण कर
पर हाय !वह न पूर्ण हो सकी
चुनाव आ गया था
आचार संहिता लगी हुई थी
फिर माया के स्थान पर
 अखिलेश सरकार बनी हुई थी
ह्रदय में उमंगता का सैलाब
उमङ पड़ा था युवकों पर
क्योंकि युवा सरकार युवाओं हेतु
कुछ सुलभ फैसले लेगी
पर उनकी निगाहों में २०१४
 लोकसभा चुनाव अटका था
नियम ,कायदे ,कानून ,बदले सारे
टेट के स्थान पर गुणांक का
निर्धारण हुआ पर क्या हुआ
आप और हम सभी जानते है
कोर्ट के चक्कर काट -काट
हालत खस्ता हो गयी
मित्रो !कई लोगों के रिस्तों में
टेट कि कालिख पुत गयी
न कुछ हुआ है न कुछ होगा
बस यही है विनती मेरी
मत करो उम्र को बर्बाद ऐसे
जैसे देश विकास कर रहा है
हम भी साथ दे उसका
और तो कुछ नही कर सकते हम
जनसंख्या वृद्धि में ही
साथ दे उसका

                                                    प्रदीप कुमार गौतम

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