Wednesday, 29 January 2014

आरक्षण

 
सदियों से दबा हुआ है जो
आज सर उठाना चाहता है
बाबा साहेब के संविधान को
मनुवादी व्यवस्था से वह
बचाना चाहता है
अब कोई कमजोर न समझे उसे
वह अब अपना महल
उठाना चाहता है
दिया था जो बाबा ने अधिकार
अब उसमें तन -मन -धन
लुटाना चाहता है
अब साहस ना करना रोकने का उसे
वह भी तलवार का जबाव् देना चाहता है
इसलिए हे मित्रों !
बस बहुत हुआ अब कायरता छोड़ दो
कुछ तो साहेब के खातिर
अपना रुख उरई के
टाउन हॉल के मैदान कि
तरफ मोड़ दो
बस २ फरवरी याद रखना
गाँव,गली ,मुहल्ले के साथ
तुम आगाज करना।

                                                            जय भीम जय भारत नमो बुद्धाय
                                                              के साथ आपका अपना
                                                                   प्रदीप कुमार गौतम
                                                                      २९/०१ २०१४

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