सदियों से दबा हुआ है जो
आज सर उठाना चाहता है
बाबा साहेब के संविधान को
मनुवादी व्यवस्था से वह
बचाना चाहता है
अब कोई कमजोर न समझे उसे
वह अब अपना महल
उठाना चाहता है
दिया था जो बाबा ने अधिकार
अब उसमें तन -मन -धन
लुटाना चाहता है
अब साहस ना करना रोकने का उसे
वह भी तलवार का जबाव् देना चाहता है
इसलिए हे मित्रों !
बस बहुत हुआ अब कायरता छोड़ दो
कुछ तो साहेब के खातिर
अपना रुख उरई के
टाउन हॉल के मैदान कि
तरफ मोड़ दो
बस २ फरवरी याद रखना
गाँव,गली ,मुहल्ले के साथ
तुम आगाज करना।
जय भीम जय भारत नमो बुद्धाय
के साथ आपका अपना
प्रदीप कुमार गौतम
२९/०१ २०१४
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