कांशीराम का काम
कविरत्न बी0 डी0 पराग
उरई, जालौन(उ0प्र0)
भीम बाबा जो कह कर गए थे ।
कांशीराम जी वह कर गए है ।।
आगे बढ़ते रहो नित्य बहुजन ।
प्यारा संदेश वह देकर गए हैं ।।
जब तक जुल्म दलितों तुम सहते रहोगे ।
तब तक दद्दा,दाऊ, मालिक कहते रहोगे ।।
जब तक गुलामी का बोझा सिर पर रखे रहोगे ।
तब तक न उठने पाओ, नीचे दबे रहोगे ।।
जो जुल्म सह रहे है
घुट घुट के मर रहे है ।
भीम बाबा जो .......
पाखण्ड धूर्तता में जब तक फंसे रहोगे ।
मेहनत का सारा धनयों भैया खोते रहोगे ।।
शिक्षा, एकता से जो दूर तुम रहोगे ।
बढ़ पाओगे न आगे दासता के बस रहोगे ।।
जो संघर्ष कर रहे हैं
वह आगे बढ़ रहे हैं ।।
भीम बाबा जो.......
पंद्रह फीसदी जो, शासक बने हमारे ।
पचासी फीसदी ने, होश यों बिसारे ।।
शासक यहाँ के तुम थे, क्यों ख्याल तुम बिसारे।
तुमने ही शत्रु हरदम समशीर से हैं मारे ।।
फिर कैसे डर रहे हो,
बल अपना खो रहे हो ।
भीम बाबा जो......
बाबा ने शक्ति तुमको दीन्ही है बहुत प्यारी ।
धोखे में अपनी शक्ति गैरों को क्यों पवारी ।।
अदभुत है शक्ति मन की पचड़े में क्यों बिगाड़ी ।
... .......
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